संचालक की कलम से



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श्री गिरीश बिल्लोरे

संचालक

जबलपुर जिले में संभागीय बालभवन की स्थापना मई 2007 से संचालित है.

  1. उद्देश्य :- बच्चों में सृजनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए ऐसी गतिविधियों का संचालन करना जिससे बच्चों की सृजनशीलता की पहचान कर “उनकी अभिरुचि अनुसार सृजनक्षमता को समुचित अवसर दिया जा सके .”
  2. लक्ष्य :- “आयुवर्ग 05 से 16 वर्ष तक के बालक-बालिकाओं को संगीत चित्रकला, कम्प्यूटर प्रशिक्षण, खेलकूद, अभिनय, साहित्य- सृजनात्मक साहित्य लेखन गद्य-पद्य व्यक्तित्व विकास संवाद एवं सम्प्रेषण, मार्शल आर्ट आदि का प्रशिक्षण उनकी अभिरुचि के अनुसार देकर उनको विधा/योग्यतानुसार मंच प्रदान कराना , ”
    संचालित संभागीय बाल भवन में निम्नानुसार गतिविधियां नियमित रुप से संचालित है
    1. संगीत – गायन में लोक, शास्त्रीय, सुगम, वादन में ताल-वाध्य, स्वर-वाद्य, का प्रशिक्षण दिया जाता है.
    2. चित्रकला- क्रॉप्ट वर्क, मूर्तिकला, चित्रकला, प्रशिक्षण दिया जाता है.
    3. कम्प्यूटर प्रशिक्षण – ग्राफिक्स डिजाईन, डिज़िटल वर्क
    4. खेलकूद- इनडोर एवं आउटडोर खेल
    5. पाककला – साप्ताहिक शिविर के ज़रिये पौष्टिक आहार बनाना, फायर-लेस कुकिंग,
  3. 30 दिवसीय शौर्या शक्ति आत्मरक्षा प्रशिक्षण- विशेष रुप से बालिकाओं हेतु , इस प्रशिक्षण के तहत कराते, भारतीय मार्शल आर्ट कलरई-पयटट द्वारा आकस्मिक परिस्थिति में हुए आक्रमण , छेड़छाड़ से बचाव हेतु बालिकाओं में आत्मविश्वास को बढाने के उद्देश्य से ब्लाकिंग, पंचिंग, फाइटिंग की सुव्यवस्थित ट्रेनिंग दी जाती है. यह प्रशिक्षण 30 दिवस का है जिसमें अवकाश शामिल नहीं है
  4. अभिनय :- संवाद लेखन, प्रस्तुति, लोक एवं बाल नाट्य , प्रोसेनियम नाटक., नुक्कड़ाद
  5. साहित्य :- सृजनात्मक साहित्य लेखन गद्य-पद्य संव व्यक्तित्व विक बच्चों में संवाद एवं सम्प्रेषण की क्षमता के विकास के लिए शिविर लगाकर प्रशिक्षण दिया जाता है. साथ ही प्रति बुधवार नैतिक तथा प्रेरक शिक्षण की व्यवस्था है.
  6. उपलब्धियां :- इस संस्थान में प्रशिक्षित कु. ख़ुशी पॉल 2010, मास्टर संतलाल पाठक 2012, मास्टर रोहित गुप्ता 2013, मास्टर शुभमराज अहिरवार 2014 , को पूर्व वर्षों में तथा वर्ष 2015 कुमारी श्रेया खंडेलवाल एवं मास्टर अभय सौंधिया को राष्ट्रीय स्तर के बालश्री सम्मान प्राप्त हुए है. साथ ही वर्ष 2016 में 4 बच्चों समूहगान स्पर्धा में मास्टर आदर्श अग्रवाल, मास्टर अब्दुल रहमान, मास्टर चन्दन सेन, मास्टर प्रगीत शर्मा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है. बालश्री चयन 2016 वर्ष 2017-18 में वर्ष 2016 के लिए राज्य स्तरीय बालश्री चयन शिविर हेतु नामांकित 19 बच्चों में से 08 बच्चे क्रमश: बीनस खान, वैशाली बरसैंया, अंकुर विश्वकर्मा, शिखा पटेल, साक्षी साहू, देवांशी जैन, अंकित बेन, राजश्री चौधुरी का चयन 21 से 24 मार्च 2018 तक नॅशनल बालभवन में आयोजित राष्ट्रीय बालश्री चयन शिविर हेतु चयनित हुए हैं.
  7. ऑडियो एलबम:- प्रादेशिक स्तर पर बालभवन द्वारा शासकीय योजनाओं के प्रचार प्रसार हेतु दो एलबम लाडो मेरी लाडो, तथा लाडो-पलकें झुकाना नहीं तथा नगर निगम जबलपुर के लिए “स्वच्छता सन्देश” एलबम तैयार किये जा चुके हैं
  8. थियेटर:- संभागीय बालभवन जबलपुर द्वारा 2017 में बॉबी एवं मिला तेज़ से तेज नाटक तैयार किए गए जिनमें बॉबी का मंचन भोपाल में दो बार जबलपुर में 3 बार किया गया जबकि तेज़ से तेज नाटक की 3 प्रस्तुतियां जबलपुर में हो चुकीं हैं. 11 अप्रैल 2018 को भोपाल में इसका मंचन किया जावेगा. नई दुनिया जबलपुर के सहयोग से “लौट आओ गौरैया” का एक सप्ताह तक मंचन शहर के स्कूलों एवं सार्वजनिक स्थानों में किया गया. साथ ही नगर निगम जबलपुर के स्वच्छता अभियान, पर्यावरण विभाग को सहयोग करते हुए बालभवन द्वारा नुक्कड़ किये गए . बालभवन की सीनियर छात्रा कुमारी मनीषा तिवारी प्रथम बालिका नाट्य निर्देशक के रूप में जानी जातीं हैं.

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